
23 सितंबर को आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट पर पहुंचने की संभावना, कई राज्यों में बाढ़ और जलभराव का खतरा
India Weather News: बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, यदि यह प्रणाली और मजबूत होती है तो इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई जा रही है। इसके प्रभाव से देश के करीब 8 राज्यों में 27 सितंबर तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
23 सितंबर को तट से टकराने की संभावना
स्काईमेट के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब मध्य-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ गया है। इसके मंगलवार को दबाव के क्षेत्र और 23 सितंबर तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को यह प्रणाली उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के आसपास पहुंच सकती है।
यदि प्रणाली और मजबूत होती है और चक्रवाती तूफान का रूप लेती है, तो इसे ‘अर्नब’ नाम दिए जाने की बात कही गई है।
तटीय राज्यों में भारी बारिश और जलभराव का खतरा
इस मौसम प्रणाली का सबसे अधिक असर उत्तर आंध्र प्रदेश, दक्षिण ओडिशा और तेलंगाना में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में मंगलवार से ही बादल छाए रहने और भारी बारिश की स्थिति बनने की बात कही गई है।
27 सितंबर तक निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका है।
यूपी, बिहार और मध्य भारत में भी असर
मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल तटीय राज्यों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। इसके चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी भारी बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश की स्थिति में कुछ ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
ओडिशा में प्रशासन अलर्ट
भुवनेश्वर मौसम केंद्र की प्रमुख मनोरमा मोहंती के अनुसार, मौसम प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में 22 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होने की बात कही गई है।
राज्य में 25 सितंबर तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।



