आंध्र-ओडिशा तट से गुजरा डीप डिप्रेशन, भारी बारिश का कहर; कई इलाकों में अलर्ट

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन 23 और 24 सितंबर की दरमियानी रात उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तट से गुजर गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सिस्टम ने कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम के पास तट को पार किया और अब जमीन के ऊपर आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।

चक्रवात ‘अर्नब’ नहीं बना सिस्टम

सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में इस सिस्टम को ‘चक्रवात अर्नब’ कहा जा रहा है, लेकिन IMD के आधिकारिक बुलेटिन में इसे डीप डिप्रेशन ही बताया गया है। तट पार करते समय भी यह चक्रवाती तूफान की श्रेणी में नहीं था। IMD के अनुसार सिस्टम ने उत्तर आंध्र प्रदेश के पास तट को पार किया और अब धीरे-धीरे कमजोर होने की दिशा में बढ़ रहा है।

75 किमी प्रति घंटे तक चली हवाएं

तट पार करने के दौरान उत्तर आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि झोंकों के साथ इनकी गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी है।

IMD के समुद्री बुलेटिन के अनुसार दक्षिण ओडिशा तट पर समुद्र की स्थिति बहुत खराब से ऊंची श्रेणी तक रहने की चेतावनी दी गई थी और कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।

ओडिशा में प्रशासन अलर्ट पर

सिस्टम के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में पहले से ही प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी थीं। मलकानगिरी में बचाव दलों को तैयार रखा गया, संवेदनशील इलाकों में राहत सामग्री और भारी मशीनरी तैनात की गई तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी की गई।

भारी बारिश के मद्देनजर प्रभावित जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद किए गए थे। कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था।

आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश

तटीय आंध्र प्रदेश में भी डीप डिप्रेशन का असर देखने को मिला। कलिंगपट्टनम और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। IMD के अनुसार 24 सितंबर की सुबह 5:30 बजे सिस्टम उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर, कलिंगपट्टनम से करीब 50 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था।

सिस्टम के जमीन के ऊपर आगे बढ़ने के बावजूद इसका बारिश वाला प्रभाव तुरंत खत्म होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है।

पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में भी असर

बंगाल की खाड़ी की इस मौसम प्रणाली का असर पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों में भी देखा जा सकता है। पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है, जबकि दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बताया गया है।

इसके अलावा ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

डीप डिप्रेशन तट पार कर चुका है, लेकिन इसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश तथा तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। IMD के अनुसार सिस्टम अब जमीन के ऊपर आगे बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

इसलिए ‘अर्नब चक्रवात के तबाही मचाने’ के बजाय मौजूदा स्थिति को डीप डिप्रेशन के तट पार करने और उसके बाद जारी भारी बारिश के रूप में रिपोर्ट करना अधिक सटीक होगा।