
Gujarat Monsoon Update 2026: गुजरात में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू हो गया है। राज्य में अब तक 31.78 इंच यानी औसत मौसमी बारिश का करीब 88 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद राज्य के 15 जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। वहीं, 11 तालुका ऐसे हैं जहां अब तक 10 इंच भी बारिश दर्ज नहीं हुई है।
11 तालुकाओं में 10 इंच से भी कम बारिश
22 सितंबर की स्थिति के अनुसार, देवभूमि द्वारका में सबसे ज्यादा 72 प्रतिशत, पोरबंदर में 63 प्रतिशत, जामनगर में 48 प्रतिशत और दाहोद में 40 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
इसके अलावा कच्छ, साबरकांठा और अरावली में 33 प्रतिशत, जूनागढ़ में 31 प्रतिशत और गिर सोमनाथ में 27 प्रतिशत बारिश की कमी है।
देवभूमि द्वारका में अब तक सबसे कम 5.43 इंच बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा पोरबंदर, कच्छ, जामनगर और वाव-थराद क्षेत्र में भी अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई है।
सितंबर के 22 दिनों में करीब 5 इंच बारिश
राज्य में बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून महीने में केवल 1.50 इंच, जुलाई में 20.50 इंच, अगस्त में 3.75 इंच और सितंबर के पहले 22 दिनों में करीब 5 इंच बारिश दर्ज की गई है।
यानी मानसून के अंतिम दौर में हुई बारिश कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। दक्षिण गुजरात के 20 तालुकाओं में 80 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि सौराष्ट्र-कच्छ समेत 12 तालुकाओं में 10 इंच से भी कम बारिश हुई है।
23-24 सितंबर से मानसून की विदाई का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 23-24 सितंबर तक सौराष्ट्र-कच्छ से मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना है। इसके बाद 25 सितंबर से सौराष्ट्र-कच्छ में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
जामनगर और कच्छ क्षेत्र में 23 सितंबर से ही बारिश में विराम आने और मौसम के शुष्क होने की संभावना जताई गई है।
इस तरह गुजरात में मानसून का अंतिम दौर अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन राज्य के कुछ जिलों और तालुकाओं में बारिश की कमी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।



