ड्रॉपआउट दर घटाने के लिए पहली बार ओपन स्कूल के विद्यार्थियों की अलग बोर्ड परीक्षा

Gujarat Board Special Open School Exams 2026: गुजरात में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने महत्वपूर्ण पहल की है। पहली बार ओपन स्कूल के विद्यार्थियों के लिए अलग से विशेष बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

कक्षा 10 और 12 सामान्य वर्ग के बाहरी विद्यार्थियों के लिए परीक्षा

यह विशेष बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और कक्षा 12 सामान्य वर्ग में बाहरी विद्यार्थी के रूप में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए आयोजित की जाएगी। परीक्षा नवंबर-दिसंबर 2026 में होने की संभावना है। हालांकि, अभी परीक्षा की निश्चित तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।

सर्वे में सामने आई पढ़ाई छोड़ने की स्थिति

राज्य सरकार की ओर से कक्षा 8 और कक्षा 10 के बाद कितने विद्यार्थी स्कूल और पढ़ाई से दूर हो गए हैं, इसे लेकर व्यापक सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान सामने आया कि कई विद्यार्थी स्कूल जाना छोड़ चुके हैं या बीच में ही अपनी पढ़ाई रोक चुके हैं।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्टेट ओपन स्कूलिंग के तहत कक्षा 10 और कक्षा 12 सामान्य वर्ग के बाहरी विद्यार्थियों के लिए अलग बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार की औपचारिक मंजूरी के बाद यह परीक्षा नवंबर-दिसंबर में आयोजित की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन शुरू, 10 अक्टूबर तक मौका

विशेष बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विद्यार्थी 10 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे।

विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपना फॉर्म भरें।

साल में दूसरी बार परीक्षा देने का अवसर

इस पहल की एक खास बात यह है कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की व्यवस्था के तहत कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं वर्ष में कई अवसरों पर आयोजित की जाती हैं। इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने भी स्टेट ओपन स्कूलिंग के तहत कक्षा 10 और 12 की परीक्षा वर्ष में दूसरी बार आयोजित करने का निर्णय लिया है।

इससे उन विद्यार्थियों को दोबारा बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो किसी कारण से नियमित स्कूल व्यवस्था में अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए या पहले बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।